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नई तकनीक की मदद से एक दिन में घुटनों का ऑपरेशन कर घर पहुँच रहे हैं मरीज
अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर की एक दुर्लभ उपलब्धि में, पहली बार ‘डे केयर -टोटल घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी’ संपन्न हुई।
इंदौर. अपोलो अस्पताल (एशिया की सबसे बड़ी और सबसे विश्वसनीय बहु-विशिष्ट श्रृंखला अपोलो ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स का इंदौर हिस्सा) दुर्लभ सर्जिकल क्रांति में मध्य भारत में डे केयर टोटल घुटने का रिप्लेसमेंट करने वाला पहला केंद्र बन गया।इस अत्याधुनिक प्रक्रिया के द्वारा इंदौर की 52 वर्षीय महिला मरीज को जीवन की नई धारा मिली। डे केयर टोटल घुटने का रिप्लेसमेंट न्यूनतम इनवेसिव तकनीक का उपयोग करके की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसमें रोगी की पहचान, तैयारी और पोस्ट-ऑप देखभालके अनुरूप दृष्टिकोण शामिल हैं।
डॉ सुनील राजन,अपोलो अस्पताल के सर्जन और जॉइंट रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के प्रमुख ने अपनी टीम के साथ एक अद्वितीय तीन-चरणीय दृष्टिकोण के साथ इस प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस प्रक्रिया का पहला और महत्वपूर्ण चरण है सही मरीज का चयन। यहसर्जन, एनेस्थेटिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट और डाइटीशियन के नेतृत्व वाली एक बहुविषयक टीम के माध्यम से स्क्रीनिंग के साथ शुरू होता है, जो रक्त परीक्षण, ईसीजी इत्यादि के माध्यम से एक व्यापक स्क्रीनिंग के माध्यम से जोखिमका मूल्यांकन करते हैं। दूसरा चरण में रोगी के परिवार और घर को रोगी को मानसिक रूप से तैयार करना और जल्दी ठीक होने में सहायता करना शामिल है। मरीजों के घर के वातावरण में कुछ संशोधन किए गए थे, जिसमें हाथ की रगड़, हाथ से सफाई की तकनीकऔर रोगी की देखभाल के लिए प्रशिक्षण सदस्यों के साथ-साथ बिस्तर की ऊंचाई, गद्दे, वॉशरूम को समायोजित करना और घर की सुविधा का स्टरलाइज़ करना शामिल था।
सर्जरी के दिन मरीज को 7 बजे O.T. में भर्ती करवाया गया। सुबह 8.30 बजे। सर्जरी के बाद रोगियों को रिकवरी में स्थानांतरित कर दिया गया। अपोलो में अनुभवी टीम रोगी को दर्द का प्रबंधन करने में मदद करने में सक्षम थी, जो जटिल सर्जरी में एक बड़ी चुनौती है।रिकवरी में 4-घंटे की अवधि लगती है, जो मरीज वॉकर की मदद से चलने में बीती। अंतिम चरण में, अस्पताल की टीम ने घर पर रोगी को प्रशिक्षित होम-केयर सहायता प्रदान की गई थी, जो कि राउंडेड हाउस-कीपिंग स्टाफ के साथ समर्थित चौबीसों घंटे निगरानीप्रदान करती थी, आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं ect ने अस्पताल आधारित क्लिनिकल टीम का बारीकी से निरीक्षण किया। डॉ. राजन की सफल सर्जरी के बारे में बात करते हुए कहा कि क्लिनिकल केयर पाथवे में रोगी सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का जोखिम कभीनहीं होना चाहिए। यह प्रयास एक अच्छी योजना, टीम-वर्क और कार्यान्वयन का परिणाम था।
सर्जरी से गुजरने के अपने अनुभव को साझा करते हुए, श्रीमती दुरैय्या खंबाती ने कहा ‘मैं सर्जरी कराने और अस्पताल में भर्ती होने से पहले बहुत चिंतित थी। लेकिन जब डॉ. राजन ने मुझसे कहा कि मैं उसी दिन घर जा सकती हूं, तब मुझे विश्वास ही नही हुआ। फिरउन्होंने मुंह तसल्ली से पूरी प्रक्रिया के बारे में समझाया। आज, मैं विश्वास से भरी हूं - बिना दर्द के और आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रहा हूं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और इस प्रक्रिया ने मेरे जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया है। मैं डॉ. राजन और अपोलो टीमको धन्यवाद देती हूं, उन्होंने बेहतरीन काम किया है।
30 से अधिक वर्षों के लिए, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने चिकित्सा नवाचार, विश्व स्तरीय सेवाओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में लगातार उत्कृष्टता हासिल की और बनाए रखा है। हमारे अस्पतालों को लगातार उन्नत चिकित्सा सेवाओं और अनुसंधान के लिए विश्वस्तर पर सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में स्थान दिया गया है।


